Viveknewsmp राजगढ़। विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ न्यायिक व्यवस्था की व्यावहारिक जानकारी देने के उद्देश्य से महाविद्यालय के विद्यार्थियों एवं समस्त शिक्षकगण ने जिला सत्र न्यायालय राजगढ़ और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजगढ़ का शैक्षणिक भ्रमण किया।

इस दौरान विद्यार्थियों ने न्यायालय परिसर का अवलोकन कर न्यायिक व्यवस्था, न्यायालयीन कार्यप्रणाली एवं कानूनी प्रक्रियाओं को करीब से समझा। वहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली, निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत, मध्यस्थता और आम नागरिकों को न्याय दिलाने में प्राधिकरण की भूमिका के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।

इसके साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी विधिक सेवाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने निःशुल्क विधिक सहायता, राष्ट्रीय लोक अदालत, मध्यस्थता, पीड़ितों को मिलने वाली सहायता तथा आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद लोगों को न्याय उपलब्ध कराने में विधिक सेवा प्राधिकरण की महत्वपूर्ण भूमिका को समझा।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों के साथ महाविद्यालय के सभी शिक्षकगण भी उपस्थित रहे। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को न्यायिक व्यवस्था और विधि शिक्षा के व्यावहारिक महत्व से अवगत कराया। इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों को पुस्तकीय अध्ययन से आगे बढ़कर वास्तविक न्यायिक व्यवस्था को समझने और भविष्य में विधि के क्षेत्र में अपनी भूमिका के लिए स्वयं को तैयार करने का अवसर मिलता है

विशेष रूप से विधि के विद्यार्थियों के लिए इस प्रकार का भ्रमण काफी महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि एक अच्छे विधि विद्यार्थी के लिए केवल कानून की धाराओं का ज्ञान होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि न्यायालयीन प्रक्रिया, कानूनी अधिकारों, न्यायिक सिद्धांतों और आम नागरिकों की समस्याओं को समझना भी आवश्यक है।

महाविद्यालय की इस शैक्षणिक पहल से विद्यार्थियों में कानून के प्रति जागरूकता, सामाजिक जिम्मेदारी और न्याय व्यवस्था के प्रति समझ विकसित करने में मदद मिलेगी। विद्यार्थियों ने इस भ्रमण को उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताते हुए अपने शैक्षणिक अनुभव में एक महत्वपूर्ण अवसर बताया।
इस अवसर पर उपस्थित महाविद्यालय के शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से शैक्षणिक भ्रमण में सहभागिता की।







