“मेला भूमि बचाओ” बना जनआंदोलन — खिलचीपुर पूरी तरह बंद, कलेक्ट्रेट तक गरजा जनसैलाब

Viveknewsmp Khilchipur – खिलचीपुर की ऐतिहासिक श्रीजी मेला भूमि को लेकर मंगलवार को ऐसा जनसैलाब उमड़ा, जिसने पूरे नगर को थाम दिया। सकल हिंदू समाज के आह्वान पर शहर ने स्वेच्छा से बंद रहकर साफ संदेश दिया कि मेला भूमि पर किसी भी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं होगा।


सुबह से ही बाजारों के शटर डाउन रहे, सड़कों पर सन्नाटा और लोगों में आक्रोश साफ नजर आया। सैकड़ों की संख्या में लोग वाहनों से राजगढ़ पहुंचे और वहां से कलेक्ट्रेट तक पैदल रैली निकालते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। “मेला भूमि बचाओ” के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।


स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। टीआई उमाशंकर मुकाती अपनी टीम के साथ मौके पर डटे रहे। कलेक्ट्रेट गेट पर सुरक्षा के चलते प्रदर्शनकारियों को रोका गया, जिससे माहौल और गर्मा गया।
एसडीएम निधि भारद्वाज के सामने प्रदर्शनकारियों ने तीखा विरोध जताते हुए कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग रखी। नारेबाजी के बीच एसडीएम ने समझाइश दी कि पहले ज्ञापन सौंपें, फिर प्रतिनिधिमंडल की कलेक्टर से मुलाकात कराई जाएगी।


इसके बाद समाज के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में साफ कहा गया कि श्रीजी मेला मैदान सिर्फ एक जमीन नहीं, बल्कि नगर की आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता का केंद्र है, जहां वर्षों से मेले, सामूहिक विवाह और बड़े धार्मिक आयोजन होते आ रहे हैं।
समाज ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक मिलीभगत से मेला भूमि पर अवैध कब्जे कर लिए गए हैं। उन्होंने मांग की कि सभी अवैध तरमीम तुरंत निरस्त की जाएं, कब्जे हटाए जाएं, 80 बीघा जमीन का सीमांकन कराया जाए और जनपद पंचायत कार्यालय का निर्माण अन्य स्थान पर किया जाए।


मामले को लेकर प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर गिरीश कुमार मिश्रा से सीधी मुलाकात की। कलेक्टर ने भरोसा दिलाया कि 7 से 8 संदिग्ध तरमीम की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है और अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मेला भूमि के सीमांकन के आदेश भी जारी किए जाएंगे।
सबसे बड़ा फैसला यह रहा कि ईई आरईएस और एसडीएम को जनपद पंचायत भवन निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश दे दिए गए हैं।


👉 फिलहाल आंदोलन थमा जरूर है, लेकिन यह साफ हो गया है कि मेला भूमि अब सिर्फ एक मुद्दा नहीं, बल्कि जनआस्था और अधिकार की लड़ाई बन चुका है। आने वाले दिनों में प्रशासन की हर कार्रवाई पर पूरे क्षेत्र की नजर रहेगी।

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