खिलचीपुर में गूंजा सद्भाव: डॉ. शाकिर मंसूरी परिवार ने आचार्य राम जीवन शास्त्री का किया भव्य स्वागत, पेश की हिंदू–मुस्लिम एकता की मिसाल

सदगुरु कबीर सत्संग समारोह में पुष्प वर्षा और जलपान से हुआ स्वागत, कई श्रद्धालुओं की उपस्थिति में दिया एकता का संदेश

Viveknewsmp खिलचीपुर (राजगढ़)।
खिलचीपुर नगर में आयोजित सदगुरु कबीर सत्संग समारोह के दौरान एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने सामाजिक एकता और भाईचारे की मिसाल पेश कर दी। इस भव्य धार्मिक आयोजन में जब सम्माननीय आचार्य राम जीवन शास्त्री साहेब पधारे, तब उनका स्वागत जिस अंदाज में हुआ, वह लंबे समय तक लोगों के दिलों में याद रहेगा।

आचार्य जी के आगमन पर डॉ. शाकिर मंसूरी परिवार ने पूरे श्रद्धा भाव और सम्मान के साथ उनका अभिनंदन किया। स्वागत के दौरान पुष्प वर्षा की गई और सभी संतों व सत्संग प्रेमी भक्तजनों के लिए जलपान की विशेष व्यवस्था की गई। यह दृश्य केवल एक स्वागत समारोह नहीं था, बल्कि समाज में आपसी प्रेम और सद्भाव का जीवंत उदाहरण बन गया।

कार्यक्रम में दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पूरे आयोजन स्थल पर भक्ति और आध्यात्मिकता का माहौल बना रहा। भजन-कीर्तन और सत्संग प्रवचनों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। आचार्य राम जीवन शास्त्री साहेब ने अपने प्रवचनों में मानवता, प्रेम और एकता का संदेश देते हुए कहा कि धर्म का वास्तविक उद्देश्य लोगों को जोड़ना है, न कि बांटना।

इस समारोह में डॉ. दीपक नागर (पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष) की विशेष उपस्थिति रही। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में आपसी भाईचारा बढ़ाने और सकारात्मक माहौल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस दौरान कई सामाजिक और धार्मिक हस्तियां भी मौजूद रहीं, जिन्होंने इस पहल की सराहना की। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि आज के समय में जब समाज में विभाजन की बातें सामने आती हैं, ऐसे आयोजन उम्मीद की किरण बनकर सामने आते हैं।
डॉ. शाकिर मंसूरी परिवार द्वारा किया गया यह स्वागत पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। लोगों का मानना है की यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा है, जो यह सिखाती है कि सच्ची श्रद्धा और मानवता किसी एक धर्म तक सीमित नहीं होती।
कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं ने एकजुट होकर समाज में शांति, प्रेम और भाईचारे को बनाए रखने का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक रूप से समृद्ध रहा, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी एक मजबूत संदेश देकर गया कि जब दिल मिलते हैं, तब ही समाज आगे बढ़ता है।

Leave a Comment

RELATED LATEST NEWS

मनरेगा 7 रजिस्टर एवं कैशबुक लिखवाने के लिए संपर्क करें - विवेक मालवीय

Top Headlines

[democracy id="1"]

Live Cricket