80 बीघा मेला भूमि बचाने की मांग तेज
Viveknewsmp खिलचीपुर। नगर की वर्षों पुरानी सांस्कृतिक धरोहर मेला भूमि पर कथित कब्जे और उसे खत्म करने की कोशिशों ने अब बड़ा रूप ले लिया है। इस मुद्दे पर खिलचीपुर में जनआक्रोश खुलकर सड़कों पर उतरने को तैयार है। सकल हिंदू समाज ने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए 24 मार्च को नगर बंद का ऐलान कर दिया है।

शुक्रवार रात मेला मैदान में हुई बड़ी बैठक में लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आया। समाज के वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सुनियोजित तरीके से करीब 80 बीघा मेला भूमि को समाप्त करने और भूमाफिया के कब्जे में देने की साजिश रची जा रही है। इसे नगर की आस्था, परंपरा और पहचान पर सीधा हमला बताया गया।
लोगों ने कहा कि यही वह स्थान है जहां सालों से चैत्र मेला, सामूहिक विवाह, संतों के प्रवचन और बड़े धार्मिक-सामाजिक आयोजन होते आए हैं। अगर यह भूमि खत्म होती है, तो नगर अपनी सबसे बड़ी पहचान खो देगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए कोई सार्वजनिक स्थल नहीं बचेगा।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 24 मार्च को सुबह से दोपहर 2 बजे तक पूरा खिलचीपुर बंद रहेगा। इस दौरान व्यापारी, आम नागरिक और समाज के लोग एकजुट होकर विरोध दर्ज कराएंगे।
साथ ही बड़ी संख्या में लोग राजगढ़ पहुंचकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे और प्रशासन से साफ जवाब मांगेंगे। समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।
बैठक में बड़ी संख्या में सकल हिंदू समाज के लोग मौजूद रहे, जिन्होंने एक स्वर में मेला भूमि बचाने की लड़ाई को निर्णायक बनाने का संकल्प लिया।








