हैदरी ग्रुप और नगर के प्रबुद्ध जनों ने पेश की कौमी एकता की मिसाल; सदफ मंसूरी ने दी मुबारकबाद
खिलचीपुर। खुशियों, इबादत और तहजीब का मुकद्दस त्योहार ईद-उल-फितर नगर में पूरे अकीदत और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। स्थानीय मक्का मस्जिद सुन्नत वल जमात में ईद की विशेष नमाज के दौरान अकीदतमंदों का सैलाब उमड़ पड़ा, जहाँ मजहबी उत्साह के साथ-साथ वतन परस्ती और भाईचारे का अनूठा संगम देखने को मिला।

वतन की सलामती के लिए उठे हजारों हाथ
नमाज के उपरांत जब दुआ के लिए हाथ उठे, तो मंजर बेहद भावुक और गरिमामय था। हैदरी ग्रुप के सदस्यों और नगर के जिम्मेदार नागरिकों ने सामूहिक रूप से देश की तरक्की और खुशहाली की कामना की। हर लब पर बस एक ही दुआ थी— “हमारा हिंदुस्तान हमेशा अमन, चैन और अटूट भाईचारे का मरकज़ बना रहे।” यह पल खिलचीपुर की गंगा-जमुनी तहजीब को और भी गहरा कर गया।
सदफ मंसूरी का संदेश: “साझा संस्कृति ही हमारी असली ताकत”
इस खास मौके पर सदफ मंसूरी ने तमाम क्षेत्रवासियों को ईद की दिली मुबारकबाद पेश की।
अपने संदेश में उन्होंने कहा:
“ईद का यह पाक त्योहार हमें त्याग, समर्पण और सबको साथ लेकर चलने की सीख देता है। हमारी साझा संस्कृति और आपसी सौहार्द ही इस मुल्क की असली पहचान और ताकत है।”
गले मिले, दूरियाँ मिटीं: मस्जिद के बाहर दिखा उत्सव का रंग
नमाज संपन्न होते ही मस्जिद परिसर उत्सव के रंग में सराबोर हो गया। हैदरी ग्रुप और समाज के वरिष्ठ जनों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की बधाई दी और मिठाइयां बांटकर खुशियां साझा कीं। नगर के गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी ने इस आयोजन की गरिमा में चार चाँद लगा दिए।
न्यूज़ हाईलाइट्स (Quick Look):
सामूहिक इबादत: मक्का मस्जिद में सैकड़ों अकीदतमंदों ने एक साथ सजदा कर अमन की दुआ मांगी।
एकता का संदेश: हैदरी ग्रुप और नगर के जिम्मेदार लोगों ने पेश की सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल।
जश्न-ए-ईद: प्रशासनिक चौकसी के बीच शांतिपूर्ण और गरिमामय ढंग से संपन्न हुआ आयोजन।









