महाकाल की सवारी से हटा ‘शाही’ शब्द, नया नाम होगा ‘राजसी सवारी’

भोपाल/उज्जैन. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को बड़ा फैसला लिया है। CM ने वर्षों से उज्जैन में निकल रही ‘बाबा महाकाल’ की सवारी के आगे से शाही शब्द हटा दिया है। सीएम ने बाबा की सवारी को नया नाम ‘राजसी सवारी’ दिया है।

उज्जैन में स्थित बाबा महाकाल को लेकर नई सियासत शुरू हो गई है. बाबा महाकाल की शाही सवारी निकलती है. इसमें लाखों भक्त भाग लेते हैं. बाबा महाकाल जनता का हाल-चाल जानने के बाद फिर महाकालेश्वर मंदिर की ओर प्रस्थान करते हैं. अब इस सवारी के ‘शाही’ शब्द पर आपत्ति उठ गई है. लोगों ने मध्य प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव से शाही शब्द हटाने की मांग की है. उनका मानना है कि शाही इस्लामिक शब्द है. इस शब्द को दिव्य या भव्य से बदलना चाहिए, यानी शाही सवारी को या दो दिव्य सवारी कहना चाहिए या भव्य सवारी. इस पर कांग्रेस का कहना है कि यह धर्म-आस्था का विषय है. इस पर बीजेपी को सियासत नहीं करनी चाहिए.

इस पर मध्य प्रदेश सरकार के संस्कृति और धर्मस्व मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने कहा है कि साधु संतों ने मांग की है तो निश्चित तौर पर वह मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से बात करेंगे. शाही शब्द की जगह नए शब्द का प्रयोग किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इसके पहले भी केंद्र और राज्य की सरकारों ने कई गुलामी के प्रतीक शब्दों को शब्दावली से हटाया है. उनकी जगह हिंदी के शब्द प्रचलन में लिए गए हैं. यह सही बात है कि गुलामी के शब्द हमें उसकी याद दिलाते हैं. ऐसे में उनको बदला जाना चाहिए. कांग्रेस के आरोपों पर लोधी ने कहा कि कांग्रेस धर्म के नाम पर कुछ न बोले वही बेहतर है. क्योंकि यह वही कांग्रेस है जिसने राम और रामसेतु को काल्पनिक बताया था, जिसने अयोध्या का आमंत्रण ठुकरा दिया था. कांग्रेस की यह बगुला भक्ति एमपी में नहीं चलेगी.

उज्जैन जनसंपर्क विभाग ने इस्तेमाल किया नया शब्द
इधर, उज्जैन के जनसंपर्क ने भी महाकाल की शाही सवारी को लेकर संदेश जारी कर दिया है. उनके संदेश में शाही सवारी की जगह ‘प्रमुख’ ‘राजसी’ सवारी लिखा है. इसके साथ-साथ श्री महाकालेश्वर मंदिर के गर्भ गृह, नंदी मंडपम, सभा मंडपम को फूलों से सजाया गया है. यहां श्रावण भादप्रद मास पर ये सवारी निकाली जानी है.

कहां से उठा मुद्दा, कांग्रेस ने क्या कहा
बता दें, कुछ दिनों पहले मंदसौर जिले के पास रेवास देवड़ा के धुंधलेश्वर महादेव मंदिर में धर्म सभा हुई थी. इसमें भागवताचार्य भीमाशंकर शास्त्री ने बाबा महाकाल की सवारी को लेकर बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि सवारी में कहे जाने वाले शाही शब्द की जगह दिव्य और भव्य सवारी कहा जाना चाहिए. इसे लेकर डॉ. मोहन यादव से यह शब्द बदलने की मांग की गई थी. इस पर कांग्रेस ने कहा कि केंद्र और राज्य में बीजेपी की सरकार है. वह जिसका नाम बदलना चाहे बदल सकती है. लेकिन, मुझे लगता है कि महाकाल सर्वव्यापी हैं. हम सभी का जीवन उनकी वजह से चल रहा है. ऐसे में नाम बदलने की सियासत में बीजेपी को पड़ना नहीं चाहिए. यह धर्म आस्था का विषय है. ऐसे में बीजेपी को इससे बचना चाहिए.

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