विवेक मालवीय प्रधान संपादक- खिलचीपुर नगर में पिछले एक हफ्ते से जल जनित बीमारियों के चलते उल्टी दस्त जैसी बीमारी से लोग ग्रसित हो रहे थे। इस पर स्वास्थ्य अमले ने तुरंत कार्यवाही करते हुए सभी मरीजों का उचित उपचार कर नगर का स्वास्थ्य सर्वे कराया। सर्वे के दौरान शुक्रवार को 32 लोगों ने उल्टी और दस्त सहित पेट दर्द की शिकायत दर्ज कराई। इन मरीजों को स्वास्थ्य अमले ने मौक पर ही उपचार देकर स्वास्थ्य के प्रति उचित परामर्श दिया। वहीं 18 के करीब मरीज अस्पताल में पहुंचे जिन्हें उचित उपचार देकर रवाना कर दिया गया। अस्पताल में कोई गंभीर मरीज भर्ती नहीं है।
मुख्य चिकित्सा एवं जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शोभा पटेल ने बताया कि खिलचीपुर नगर की स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और स्वास्थ्य अमला पूरे नगर में सर्वे कर रहा है। कोई भी मरीज यदि घर में उपचार ले रहे हैं तो वह अस्पताल में आकर अपनी जांच और उचित उपचार अवश्य कराएं। उल्टी, दस्त सहित पेट दर्द और बुखार का समय रहते प्राथमिक उपचार करने से ही इसे गंभीर होने से रोका जा सकता है। साथ ही अस्पताल प्रशासन द्वारा 10 मरीजों के स्टूल सेंपल लिए हैं और नगर के दो वाटर प्लांट से पानी के सेंपल कराकर उन्हें भोपाल लेबोरेटरी में भेजा है। जब तक पानी के सेंपल की रिपोर्ट नहीं आती तब तक प्रशासन ने दोनों वाटर प्लांट सील कर दिए हैं। वहीं 19 मरीजों की मलेरिया स्लाईड भी बनाई थी जिसकी रिपोर्ट नेगेटिव्ह आई है।
जागरूकता ही जल जनित बीमारी का बचाव
जिला महामारी नियंत्रक डॉ. महेन्द्रपाल सिंह ने बताया कि खिलचीपुर नगर में लोगों की बीमारी का प्रथम दृष्टियां जो कारण सामने आया है वह दूषित पेयजल का उपयोग माना जा रहा है। इससे बचने के लिए जागरूकता ही एक मात्र उपाय है। बारिश के दिनों में शुद्ध पेयजल का उपयोग करें, पानी का क्लोरिनीकरण करें, जल भंडारण का समय-समय पर सफाई करें, घरों की पानी की टंकी को ढक कर रखें, कुएं, बावड़ी, नदी, तलाब आदि के पानी का सेवन न करें, बाहर से आने पर साबुन से हाथ धोएं, फल और सब्जियां बिना धोए उपयोग न करें, कच्चा भोजन न खाएं उसे अच्छे से पका कर खाए ओर जरा भी स्वास्थ्य खराब दिखे तो तुरंत नजदीकी अस्पताल में अपनी जांच कराएं।












