खिलचीपुर। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर प्राण-प्रतिष्ठा से पूर्व प्रारंभ हुई श्रीराम प्रभात फेरी आज नगर की एक सशक्त धार्मिक और सामाजिक पहचान बन चुकी है। दो वर्ष पूर्व नगर के युवाओं द्वारा प्रारंभ की गई यह प्रभात फेरी निरंतर चल रही है और अब जन-आस्था का केंद्र बन गई है।
प्रतिदिन प्रातः 7 बजे रामद्वारा से निकलने वाली इस प्रभात फेरी में युवा, सज्जन शक्ति एवं मातृशक्ति सहित सैकड़ों श्रद्धालु नियमित रूप से सहभागिता करते हैं। बुधवार को श्रीरामलला प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के दो वर्ष पूर्ण होने के साथ-साथ प्रभात फेरी की दूसरी वर्षगांठ भी मनाई गई।
इस अवसर पर सायंकाल एक विशेष श्रीराम फेरी का आयोजन किया गया, जो सराय भवन तोपखाना गेट से प्रारंभ होकर वीर हनुमान मंदिर, खांडी बावड़ी पर महाआरती के साथ संपन्न हुई। फेरी के दौरान भव्य चल समारोह निकाला गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने राम भजन और कीर्तन कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
उल्लेखनीय है कि इस आयोजन में महिलाओं और युवाओं की बड़ी संख्या में सहभागिता देखने को मिली। श्रीराम प्रभात फेरी का मुख्य उद्देश्य सभी समाज वर्गों को एक सूत्र में बांधना और रामराज्य की कल्पना को व्यवहार में साकार करना है, जिससे सामाजिक एकता और सद्भाव को बल मिले।









