अहिंसा वेलफेयर सोसायटी का अभियान, बाल विवाह पर कड़ा प्रहार

बाल विवाह मुक्ति रथ से छेड़ी सामाजिक बदलाव की मुहिम

Vivek news mp राजगढ़। जिले में बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ अहिंसा वेलफेयर सोसायटी द्वारा चलाया जा रहा बाल विवाह मुक्ति रथ अभियान लोगों में लगातार जागरूकता फैला रहा है। गुरुवार को यह जागरूकता रथ खिलचीपुर से छापीहेड़ा की ओर रवाना हुआ। इस दौरान रास्ते में आने वाले विभिन्न गांवों में रुककर ग्रामीणों को बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी दी गई।


अभियान के अंतर्गत प्रत्येक गांव के स्कूलों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में बच्चों और शिक्षकों को बताया गया कि बाल विवाह से बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। साथ ही बच्चों के अधिकारों और बाल विवाह रोकने में समाज की अहम भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की गई।


अहिंसा वेलफेयर सोसायटी की सदस्य निकिता मेवाड़े ने जानकारी देते हुए बताया कि कानून के अनुसार लड़के की वैधानिक विवाह आयु 21 वर्ष और लड़की की 18 वर्ष निर्धारित है। इससे पहले विवाह करना कानूनन अपराध है, जिसमें दो वर्ष तक की सजा और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।


यह पूरा कार्यक्रम अहिंसा की एक्सेस टू जस्टिस टीम द्वारा संचालित किया गया। अभियान के माध्यम से ग्रामीणों को बाल विवाह रोकने के लिए जागरूक कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है।

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